वडुक्कु तिरुवीधि पिळ्ळै
श्रीः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः हमने अपने पूर्व अनुच्छेद (लेख) मे ओराणवाळि के अन्तर्गत श्री नम्पिळ्ळै के जीवन के बारे मे चर्चा की थी । आगे बढते हुए ओराण्वळि के अन्तर्गत अगले आचार्य वडुक्कु तिरुवीधि पिळ्ळै के बारे मे चर्चा करेंगे । तिरुनक्षत्र – ज्येष्ट मास स्वाति नक्षत्र अवतार स्थल … Read more