तोन्डरडिप्पोडि आळ्वार
श्री: श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद्वरवरमुनये नमः श्री वानाचल महामुनये नमः तिरुनक्षत्र : मार्गशीर्ष मास – ज्येष्ठा नक्षत्र आवतार स्थल : तिरुमण्डंगुडि आचार्यं : श्रीविष्वक्सेन स्वामीजी ग्रंथ रचना सूची : तुरुमालै, तिरुपळ्ळियेळ्ळुच्चि परमपद प्रस्थान प्रदेश : श्रीरंगम आचार्य नन्जीयर/वेदांती स्वामीजी, अपने तिरुपळ्ळियेळ्ळुच्चि के व्याख्यान की अवतारिका में “अनादि मायया सुप्तः” प्रमाण से साबित करते है कि आळ्वार संसारी (बद्धजीव) थे (अनादि काल … Read more