तिरुमलिसै अण्णावप्पंगार
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः श्री भक्तिसार तिरुनक्ष्त्र: ज्येष्ठ, धनिष्ठा अवतार स्थल: तिरुमलिसै आचार्य: नरसिम्हाचार्य (उनके पिताश्री) तिरुमलिसै (महिसार क्षेत्रं) में जन्मे, उनके पिता नरसिम्हाचार्य द्वारा उनका नाम वीरराघवन रखा गया। उनका जन्म श्री दाशरथि स्वामीजी के प्रसिद्ध वादुल वंश में हुआ था। उन्होंने भक्तिसारोदयं नामक अपने … Read more