सेनै-मुदलियार् (विष्वकसेन)

:श्रीः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः जय श्रीमन्नारायण । आळ्वार एम्पेरुमानार् जीयर् तिरुवडिगळे शरणं । ओराण्वालि गुरुपरम्परा के अन्तर्गत श्री पेरिय पेरुमाळ् और श्री पेरिय पिराट्टि के बाद,  श्री सेनै मुदलियार (विष्वक्सेनजी , भगवान श्रीमन्नारायण के सेनापति, नित्य सूरी श्री विश्वक्सेनजी ) जो इस परम्परा में तीसरे आचार्य है । सेनै … Read more

दिव्य दम्पति – श्री पेरिय पेरुमाळ् और श्री पेरिय पिराट्टि

श्रीः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः जय श्रीमन्नारायण ।आऴ्वार् एम्पेरुमानार् जीयर् तिरुवडिगळे शरणम् । पिछले लेख में (https://acharyas.koyil.org/index.php/2013/08/29/introduction-2-hindi/) हमने श्री गुरुपरम्परा के बारे में संक्षिप्त रूप में देखा । अब हम सम्प्रदाय प्रवर्तक आचार्य (ओराण् वऴि आचार्य) गुरुपरम्परा प्रारंभ करेंगे । ओराण् वऴि का अर्थ हैं ज्ञान को एक व्यक्ति से … Read more