तिरुक्कुरुगैप्पिरान पिल्लान
श्रीः श्रीमते शठकोपाय नमः श्रीमते रामानुजाय नमः श्रीमद् वरवरमुनये नमः श्री वानाचलमहामुनये नमः जन्म नक्षत्र: अश्विन, पूर्वाषाढा (श्रावण, मृगशीर्ष– जैसा उनकी तनियन से ज्ञात होता है) अवतार स्थल: आलवार तिरुनगरी आचार्य: एम्पेरुमानार (रामानुज स्वामीजी) रचनाएँ: तिरुवाय्मोलि 6000 पद व्याख्यान पिल्लान, पेरिय तिरुमलै नम्बि (शैलपूर्ण स्वामीजी) के पुत्र हैं और वे कुरुगेसर, कुरुगाथीनाथर नाम से भी जाने जाते हैं। … Read more